न जाने कैसा रिश्ता है ये मेरा और अब्बू का मुझे तकलीफ़ होती है तो उन को ख़्वाब आते हैं
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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
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वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
Deepti Mishra
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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जब से वो कह कर गई तू साँवला है तब से कानों में यही बस गूँजता है
S M Afzal Imam
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वो खु़द भी कितना खा़ली है उसे बता दिया मैं ने के आज आईने को आईना दिखा दिया मैं ने
S M Afzal Imam
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हम ही विरसे में दिया करते हैं उन को ये ख़राबी वरना बच्चों को कहाँ आता है बातों को छुपाना
S M Afzal Imam
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यही कहता हूँ मैं सब सेे, मोहब्बत कर नहीं सकता किसी पर मर चुका हूँ मैं, किसी पर मर नहीं सकता मगर ऐसा नहीं बिल्कुल के सब कुछ भूल जाउँगा दिया है ज़ख़्म जो तू ने कभी वो भर नहीं सकता
S M Afzal Imam
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हमेशा बात करते वक़्त यूँँ ही मुस्कुरा देना ये आदत तेरी 'अफ़ज़ल' अब किसी की जान ले लेगी
S M Afzal Imam
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