न था कोई तसव्वुर में तो जीने की न थी ख़्वाहिश मगर अब ज़िंदगी तुझ सेे जुदा होने से डरता हूँ
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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कुछ तो मुश्ताक़ शब-ए-हिज्र में राहत होगी जाते-जाते कोई तस्वीर पुरानी दे दे
Saqlain Mushtaque
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ग़म-ए-हिज्र से मैं हूँ आशना मुझे आरज़ू-ए-विसाल है ये इलाज और ये मुआलिजा मेरे दर्द कि तो दवा नहीं
Saqlain Mushtaque
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हिज्र मुश्किल से भी मुश्किल न कहीं हो जाए तुम शब-ए-वस्ल कोई ऐसी नवाज़िश न करो
Saqlain Mushtaque
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ना-ख़ुदा डर नहीं दरिया की रवानी का हमें हर तलातुम से निकलने का हुनर जानते हैं
Saqlain Mushtaque
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आ जाओ किसी सम्त से दो पल के लिए ही बीमार को कुछ देर की राहत भी बहुत है
Saqlain Mushtaque
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