नमक जराहतों पे मेरे मल गए तुम भी हबीब ग़ैरों के जैसे निकल गए तुम भी
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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ये ज़िन्दगी कुछ इस तरह से पास मेरे आई है अब तो अमित केवल यहाँ तन्हाई ही तन्हाई है
Daqiiq Jabaalii
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ज़िक्र करता था जो दिन भर उस का हिज्र में मर गया शायर उस का सुनता रहता हूँ पशेमाँ हो कर ज़िक्र जब करते हैं दीगर उस का
Daqiiq Jabaalii
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फूलों किताबों तितलियों दरिया दिवारों से ग़म बाँटता हूँ अपना इन्हीं ग़म-गुसारों से
Daqiiq Jabaalii
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शाइ'र नहीं बन सकता हर कोई मियाँ हर एक पल बेचैन रहना पड़ता है
Daqiiq Jabaalii
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क्या है कि अपने आप में मग़रूर है बहुत वो शख़्स हम से इस लिए तो दूर है बहुत हम को हमारा कूचा भी पहचानता नहीं और वो कि अपने शहर में मशहूर है बहुत
Daqiiq Jabaalii
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