नई पोस्ट कोई करो यार जल्दी कि हफ़्तों से मैं ने नहीं कुछ लिखा है
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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उदासी जान की दुश्मन बनी है बहुत ख़तरे में मेरी ज़िंदगी है सहारा चाहिए मुझ को तुम्हारा पता इस वक़्त मेरा बम्बई है
SAAGAR SINGH RAJPUT
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हमें अपना बना लो या हमें तुम मार दो लड़की तुम्हारा जो भी दिल चाहे हमें उपहार दो लड़की तुम्हें हम मान कर अपना कई सालों से बैठे हैं हमें बे-हद ज़रूरत है हमें अब प्यार दो लड़की
SAAGAR SINGH RAJPUT
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किसी को याद कर के मुस्कुराना किसी की याद में सब भूल जाना यही है आशिक़ों का काम यारो इसी को इश्क़ कहता है ज़माना
SAAGAR SINGH RAJPUT
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बाज़ार में नसीब का सिक्का जो चल पड़ा आक़िल मिलेगा पैर पे बैठा गँवार के ग़म छोड़ते नहीं हैं मिरा साथ और मैं बैठा हूँ इंतिज़ार में कब से बहार के
SAAGAR SINGH RAJPUT
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तेरी फोटो निहारते हैं रात ऐसे गुज़ारते हैं नाम तेरा कभी कभी हम नींद में भी पुकारते हैं
SAAGAR SINGH RAJPUT
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