निभा देते हैं गहरी दोस्ती जो हाल अच्छे हों अगर हो हाल ख़स्ता साथ तब कोई नहीं देता रहेंगे साथ सारे हाथ दोनों गर सलामत हों मगर हों हाथ टूटे हाथ तब कोई नहीं देता
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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यूँँ पाँव पाँव चला उम्र भर मगर देखो चला जहाँ से था मैं लौट के वहीं पहुँचा नहीं ये बात नहीं तय सफ़र किया ही नहीं रहा सफ़र में ही फिर भी कहीं नहीं पहुँचा
Mohit Subran
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ज़रूरत क्या तिजारत-गार को ख़ुद हाथ रँगने की ठिकाने कुछ लगाना हो अगर सरकार बैठी है
Mohit Subran
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ये जो अवाम है इस को तू ना-तवाँ न समझ इसी अवाम ने इक सल्तनत ढहा डाली
Mohit Subran
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ये जो दबा दी तुम ने ख़बर आज टीवी पे तुम क्या समझते हो मुझे इस की ख़बर नहीं
Mohit Subran
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ज़रा से शक पे हुआ ख़त्म राब्ता लेकिन ज़रा सा शक न हुआ ख़त्म दरमियाँ से मगर
Mohit Subran
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