यूँँ पाँव पाँव चला उम्र भर मगर देखो चला जहाँ से था मैं लौट के वहीं पहुँचा नहीं ये बात नहीं तय सफ़र किया ही नहीं रहा सफ़र में ही फिर भी कहीं नहीं पहुँचा
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
Deepti Mishra
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ज़रूरत क्या तिजारत-गार को ख़ुद हाथ रँगने की ठिकाने कुछ लगाना हो अगर सरकार बैठी है
Mohit Subran
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ज़रा से शक पे हुआ ख़त्म राब्ता लेकिन ज़रा सा शक न हुआ ख़त्म दरमियाँ से मगर
Mohit Subran
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ज़रा सा चूक गया मैं तुझे समझने में वगरना ज़ीस्त तिरी धज्जियाँ उड़ाता मैं
Mohit Subran
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वो हादसा जो नहीं बीता है अभी मुझ पर उसी के ख़ौफ़ से दिल मेरा ख़ौफ़ खाता है
Mohit Subran
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तुम्हें तो यार मुयस्सर है बस ख़ुशी ही ख़ुशी तुम्हारा क्या जिसे चाहो उसे उदास करो
Mohit Subran
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