तुम्हें तो यार मुयस्सर है बस ख़ुशी ही ख़ुशी तुम्हारा क्या जिसे चाहो उसे उदास करो
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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ये दुनिया एक मंडी है नहीं इस के सिवा कुछ भी यहाँ जिस को भी देखो बिकने को तैयार बैठा है
Mohit Subran
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ज़रूरत क्या तिजारत-गार को ख़ुद हाथ रँगने की ठिकाने कुछ लगाना हो अगर सरकार बैठी है
Mohit Subran
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ज़रा से शक पे हुआ ख़त्म राब्ता लेकिन ज़रा सा शक न हुआ ख़त्म दरमियाँ से मगर
Mohit Subran
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तमाम ज़िन्दगी ये बात मैं न भूलूँगा किसी ने याद न रक्खा ये याद रक्खूँगा
Mohit Subran
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साँस मेरे सीने से इक-इक उखड़ जाएगी तब भी देखना दिल में मचलती एक बेचैनी मिलेगी
Mohit Subran
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