निभाई पहले ज़िम्मेदारी अपनी फिर उस के बा'द थोड़े शौक़ पाले
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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उस ने भी रक्खा ऑप्शन की तरह जिस की प्रायोरिटी था बनना हमें
Dhirendra Pratap Singh
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उस को दिल में बिठा कर इल्म हुआ है यारों नूर आँखों का नहीं बढ़ता फ़क़त काजल से
Dhirendra Pratap Singh
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रौशनी को छोड़ कर आना पड़ा वनवास अपना सब दिए थे ताक में दीपावली हो साथ मिल कर
Dhirendra Pratap Singh
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पहले ही बना लेता दुश्मन तो भी रहती तसल्ली लेकिन उस ने दोस्त बना कर सारे राब्ते तोड़े
Dhirendra Pratap Singh
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परिंदे उड़ गए पत्तों ने साथ छोड़ दिया शजर का जिस्म दिसम्बर ने फिर निचोड़ दिया
Dhirendra Pratap Singh
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