nikhar gae hain pasine mein bhig kar aariz gulon ne aur bhi shabnam se tazgi pai your cheeks with perspiration are all aglow anew these flowers are now fresher laden with the dew
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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दौर-ए-तूफ़ाँ में भी जी लेते हैं जीने वाले दूर साहिल से किसी मौज-ए-गुरेज़ाँ की तरह
Ghulam Rabbani Taban
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आज किसी ने बातों बातों में जब उन का नाम लिया दिल ने जैसे ठोकर खाई दर्द ने बढ़ कर थाम लिया
Ghulam Rabbani Taban
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ये चार दिन की रिफ़ाक़त भी कम नहीं ऐ दोस्त तमाम उम्र भला कौन साथ देता है
Ghulam Rabbani Taban
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यादों के साए हैं न उमीदों के हैं चराग़ हर शय ने साथ छोड़ दिया है तेरी तरह
Ghulam Rabbani Taban
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रह-ए-तलब में किसे आरज़ू-ए-मंज़िल है शुऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है
Ghulam Rabbani Taban
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