'नित' उस को याद नहीं आती है मुझ को तन्हाई नहीं भाती है
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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दुनिया की इन अजीब रस्मों से कौन मरता है झूठी क़समों से
Nit
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ज़ख़्मों का तुम हिसाब दो लौटा कर तुम वो ख़्वाब दो
Nit
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वैसे तो नित कोई ग़म नहीं हैं पर मुस्कुराते अब हम नहीं हैं
Nit
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ये क्या नित कोई डरने की बात है या फिर ख़ुश-नसीबी जो तू साथ है
Nit
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उसे इस बात का एहसास क्यूँँ हो नदी को नीर की अब प्यास क्यूँँ हो
Nit
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