sherKuch Alfaaz
नुमाइश है यहाँ लगती जमाल-ए-जिस्म की हर-सू बिखेरा जिस क़दर इस्मत को उतना दाम लगता है
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नुमाइश है यहाँ लगती जमाल-ए-जिस्म की हर-सू बिखेरा जिस क़दर इस्मत को उतना दाम लगता है
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