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पढ़े हैं शे'र तेरे गेसू पर मैं ने मेरे शानों को हक़ है बिखरे ये इन पर

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं

Rahat Indori

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या

Mirza Ghalib

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रस्सी चाक़ू कहते मुझ को अक्सर बेहतर होगा ग़लत क़दम उट्ठा ले

Jagveer Singh

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मज़हब पर आ जाए बात तो बस्ती जलती है रेप अगर हो तो सिर्फ़ मोमबत्ती जलती है

Jagveer Singh

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यारों नेताओं की बेटी है ये मुहब्बत सारी क़स में झूठी सारे वादे झूठे यार बिना आधी दुनिया लक़वा लगती है जग रूठे तो रूठे जिगरी यार न रूठे

Jagveer Singh

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वही हुआ है जो होना तय था जो तय है आगे वही होना ये मसअला क्यूँँ भला जो तय है वही हुआ उस पे क्या रोना अगर है बस में जो सब ख़ुदा के तो उस के बंदों तुम्हें क्या फ़िक्र हैं रिंद हम होना है जो भी गर हमारा हम से ही वो होना

Jagveer Singh

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कितनी उजलत में दुनिया बनाई ख़ुदा कितने बच्चों को दुख मारे गुब्बारे हैं

Jagveer Singh

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