पहन हिजाब कहूँ क्या हिजाब में लागे हिसाब आग लगे फिर किताब में लागे बदल गई है तिरी चाल क्या हुआ था शब पिघल गया था लगे शे'र ख़्वाब में लागे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ये हक़ीक़त है हक़ीक़त बातें पड़ती है गाल पे रहपट कि तरह
Raushan miyaa'n
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ज़रा चुप हुआ तो सुनाई दिया हमें दिल-जलों ने जला ही दिया
Raushan miyaa'n
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वो मिरे दीद को तरसते क्यूँँ ऐब गर उन को ये पता होता
Raushan miyaa'n
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यूँँ तलब है हमें आप की रात में इक मुसाफ़िर को जूँ रौशनी चाहिए
Raushan miyaa'n
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उन कानों में अज़ान आती है जिन को उर्दू ज़बान आती है
Raushan miyaa'n
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