फ़क़त ग़म के नहीं मारे मियाँ हम हमें किस्मत ने भी मारा बहुत है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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यक़ीं करते हुए भी डर रहा हूँ यक़ीं ने हाल ऐसा कर दिया है
Kush Pandey ' Saarang '
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कभी भी जिस्म की बातें बदन का जिक्र ना होगा सो ऐ लड़की ग़ज़ल को तुम कभी डर कर नहीं पढ़ना अगर मैं सेज दिल का कह रहा हूँ, इस ग़ज़ल में तो उसे दिल सेज ही पढ़ना कभी बिस्तर नहीं पढ़ना
Kush Pandey ' Saarang '
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शराफ़त ठीक पर इतनी न होनी चाहिए समय के साथ ख़ुद को भी बदलते जाइए यही हुश्यार होने का तरीका है यहाँ हमारी मानिए तो ख़ूब धोखे खाइए
Kush Pandey ' Saarang '
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तुझे अपना बनाने की न है कोई कभी ख़्वाहिश तुझे इक रोज़ छोड़ा भी तो जा सकता है जानेजां
Kush Pandey ' Saarang '
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तमाशे को ये दुनिया देखती है विदूषक हँस के रोता भी है छुप कर
Kush Pandey ' Saarang '
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