फिर भी उफ़ तक न कहा हम ने उसे वरना क्या कुछ न हमें उस ने कहा
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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वो सर को फोड़ना ग़ालिब का समझा जो देखीं मैं ने दीवारें तुम्हारी
Meem Maroof Ashraf
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वो अय्याम-ए-ग़म-ए-माज़ी के लम्हे मिरे आँसू तिरा आँचल रहा है
Meem Maroof Ashraf
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हूँ बुरा सो कि बुराई को बुरा कहता हूँ जो भी हक़ बात हो साहब मैं बजा कहता हूँ
Meem Maroof Ashraf
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क़ुर्बतें दूरियों का बा'इस हैं दूरियाँ क़ुर्बतें बढ़ाती हैं
Meem Maroof Ashraf
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न जाने भेस में वो किस के डस ले वो नागिन इच्छाधारी हो गई है
Meem Maroof Ashraf
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