पि यूँँ हराम कि तो फिर हराम अच्छा है वगरना कौन सा मुफ़्ती को जाम अच्छा है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वो मिरे दीद को तरसते क्यूँँ ऐब गर उन को ये पता होता
Raushan miyaa'n
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उन कानों में अज़ान आती है जिन को उर्दू ज़बान आती है
Raushan miyaa'n
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तुम अलग हो यार उन सब बाक़ियों से इश्क़ तुम से है था मतलब बाक़ियों से तेरे दीवाने का आशिक़ का तिरे यूँँ मुख़्तलिफ़ क्यूँँ फ़ैसला रब बाक़ियों से
Raushan miyaa'n
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साथ बैठे कई महीने हुए चैन से बैठ जा धुआँ मत कर
Raushan miyaa'n
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रौशन आग़ाज़-ए-इश्क़ है ये इक तरफ़ा चाहत होगी ही महबूब अगर अच्छा है तो खोने की दहशत होगी ही इस बे-ग़ैरत दुनिया में इक मुफ़्लिस उम्मीद लगा बैठा हो देर भले साहिब लेकिन अल्लाह की रहमत होगी ही
Raushan miyaa'n
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