प्रेम ने थामा है जब से ज़िंदगी खिल सी गई है शब्द भी सब मौन तब से ध्यान भी ख़ुद घट रहा है
Related Sher
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
मौत का भी इलाज हो शायद ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं
Firaq Gorakhpuri
75 likes
जुदा हुए हैं बहुत लोग एक तुम भी सही अब इतनी बात पे क्या ज़िंदगी हराम करें
Nasir Kazmi
75 likes
ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
75 likes
बस एक मोड़ मिरी ज़िंदगी में आया था फिर इस के बा'द उलझती गई कहानी मेरी
Abbas Tabish
69 likes
More from Nainsee Gupta 'Nayantara'
ज़ख़्म नासूर है और दवा भी वही हर्फ़ ढाई मगर ज़िंदगी है मेरी
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
न आए सामने उस के कभी भी आईना कोई कि धड़कन में बसा जो है रहे आबाद दिल उस का
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
ज़िंदगी जी नहीं जाती ऐसे मौत इक रोज़ बोली गले लग
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
जुर्म गुमनाम होकर भी बदनाम है जाने कैसी सज़ा मिल रही है उसे
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
आदमी देख कर डर रहा आदमी कौन था जानता ऐसा होगा कभी
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Nainsee Gupta 'Nayantara'.
Similar Moods
More moods that pair well with Nainsee Gupta 'Nayantara''s sher.







