प्यार से घर नहीं चलता साहब इस लिए शा'इरी भी करते हैं
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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उस के बिन तुम रह सकते हो समझो मत ख़ुद को शाइ'र कह सकते हो समझो मत सब को अपना समझा तब ये समझा है सब को अपना कह सकते हो समझो मत
Praveen Sharma SHAJAR
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तेरी यादों का मौसम ख़ूब-सूरत है मगर फिर भी इसे जाना पड़ेगा अब ये अगली रुत में अड़चन है
Praveen Sharma SHAJAR
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तेरे ख़िलाफ़ अगर जंग में उतारा गया तो साफ़-साफ़ समझ ले कि मैं तो मारा गया वो जब गया था तो कुछ भी नहीं गया था मेरा जब उस की याद गई है तो हर सहारा गया
Praveen Sharma SHAJAR
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सुना है इश्क़ में बीमार मर के छूटते हैं तो आओ हम भी ये भुगतान कर के छूटते हैं
Praveen Sharma SHAJAR
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फूल टूटे तो रौंद डाले गए ख़ार गिरकर भी घाव दे रहे हैं
Praveen Sharma SHAJAR
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