प्यास तो उस के हृदय में भी कहीं थी यूँँ नहीं सूखे हुए थे होठ उस के
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए
Tehzeeb Hafi
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ज़मीं का जल कभी बादल रहा है तमाशा ज़िन्दगी का चल रहा है
Umesh Maurya
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ज़ख़्म कोई और गर सहला गया तो क्या दूसरा भी बीच में गर आ गया तो क्या
Umesh Maurya
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तुम्हारे आज से ही तो तुम्हारा कल भी निकलेगा सवालों के ही अंदर से तुम्हारा हल भी निकलेगा
Umesh Maurya
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समुंदर भी यहाँ प्यासा ही निकला नदी का होठ चू में जा रहा है
Umesh Maurya
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ज़िन्दगी जीने का मतलब कुछ नहीं पर मौत भी मर्ज़ी से तो आती नहीं है
Umesh Maurya
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