राम जाने वो हक़ीक़त थी कोई या सपना उस ने हाथों में मेरे हाथ दिया था अपना
Related Sher
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
130 likes
तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
135 likes
More from Akash Rajpoot
ज़माने वो नहीं हैं अब मुहब्बत देखते थे सब करेगी इश्क़ जो मुझ सेे मिरी तनख़्वाह देखेगी
Akash Rajpoot
1 likes
हर बात हर किसी को बताया न कीजिए हम सेे मगर निगाहें चुराया न कीजिए आग़ोश में आ कर के बहक जाए ना कहीं हर शख़्स को गले से लगाया न कीजिए
Akash Rajpoot
1 likes
ज़माने से नहीं बनती मगर हाँ ख़ुदा से ख़ूब बनती है हमारी
Akash Rajpoot
1 likes
दिलरुबाई का आप क्या लोगे रहनुमाई का आप क्या लोगे मेरे पर्दा-नशीन दोस्त कहो मुँह दिखाई का आप क्या लोगे
Akash Rajpoot
1 likes
ज़ख़्म ये उन को भी दिखाना है जो समझते हैं सब फ़साना है
Akash Rajpoot
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Akash Rajpoot.
Similar Moods
More moods that pair well with Akash Rajpoot's sher.







