sherKuch Alfaaz

रातभर रोता रहूँ ऐसा बहाना चाहिए था यार मुझ को बस मोहब्बत में ठिकाना चाहिए था जो उतर जाए मोहब्बत में उसी की मौत होगी यार ये सब मौत से पहले बताना चाहिए था

More from Bhuwan Singh

ज़िंदगी ही नहीं चलती किसी आदत के बिना इस लिए हम नहीं रह पाते मोहब्बत के बिना दुनिया से भी परे लगता है हमें उस का नूर या'नी रब मिल गया है हम को इबादत के बिना

Bhuwan Singh

0 likes

मैं आज कर रहा हूँ ये एलान साहिबा दरबार-ए-दिल की आप ही हो शान साहिबा मैं आप के इलावा किसी और का नहीं इतना हुआ न करिए परेशान साहिबा

Bhuwan Singh

0 likes

रूह को अंदर से पहले ख़ूब झिंझोड़ा गया फिर मिरा हर ख़्वाब मेरे सामने तोड़ा गया हश्र कुछ ऐसा हुआ है मेरे इस किरदार का क़िस्तों में तोड़ा गया फिर रिश्तों में छोड़ा गया

Bhuwan Singh

0 likes

हर इक मुआमले में तू मुझे कमाल लगा तो तुझ सेे मिल के मुझे अच्छा अपना हाल लगा यूँँ छोड़ दे तेरा एहसास इश्क़ से मुझ पर तू अपने हाथों से इन गालों पे गुलाल लगा

Bhuwan Singh

0 likes

किसी से बन गया है रिश्ता उस तन का नज़र आने लगा है दाग़ गर्दन का हक़ीक़त मान लूँ इन क़समों को कैसे यक़ीं कैसे करूँ मैं अपनी दुल्हन का

Bhuwan Singh

0 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Bhuwan Singh.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Bhuwan Singh's sher.