रातभर रोता रहूँ ऐसा बहाना चाहिए था यार मुझ को बस मोहब्बत में ठिकाना चाहिए था जो उतर जाए मोहब्बत में उसी की मौत होगी यार ये सब मौत से पहले बताना चाहिए था
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है कुछ ऐसा कि जैसे ये सब कुछ इस से पहले भी हो चुका है कहीं
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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जो हो इक बार वो हर बार हो ऐसा नहीं होता हमेशा एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता
Nida Fazli
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जो हो इक बार वो हर बार हो ऐसा नहीं होता हमेशा एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता
Nida Fazli
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उसे पागल बनाती फिर रही हो जिसे शौहर बनाना चाहिए था
Arvind Inaayat
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ज़िंदगी ही नहीं चलती किसी आदत के बिना इस लिए हम नहीं रह पाते मोहब्बत के बिना दुनिया से भी परे लगता है हमें उस का नूर या'नी रब मिल गया है हम को इबादत के बिना
Bhuwan Singh
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मैं आज कर रहा हूँ ये एलान साहिबा दरबार-ए-दिल की आप ही हो शान साहिबा मैं आप के इलावा किसी और का नहीं इतना हुआ न करिए परेशान साहिबा
Bhuwan Singh
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रूह को अंदर से पहले ख़ूब झिंझोड़ा गया फिर मिरा हर ख़्वाब मेरे सामने तोड़ा गया हश्र कुछ ऐसा हुआ है मेरे इस किरदार का क़िस्तों में तोड़ा गया फिर रिश्तों में छोड़ा गया
Bhuwan Singh
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हर इक मुआमले में तू मुझे कमाल लगा तो तुझ सेे मिल के मुझे अच्छा अपना हाल लगा यूँँ छोड़ दे तेरा एहसास इश्क़ से मुझ पर तू अपने हाथों से इन गालों पे गुलाल लगा
Bhuwan Singh
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किसी से बन गया है रिश्ता उस तन का नज़र आने लगा है दाग़ गर्दन का हक़ीक़त मान लूँ इन क़समों को कैसे यक़ीं कैसे करूँ मैं अपनी दुल्हन का
Bhuwan Singh
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