रात के बा'द फिर रात आ जाती है मेरा सूरज ज़मीं रोज़ खा जाती है मैं छुपा ही नहीं पाता ज़ख़्मों को अब मेरे होंठों पे अब टीस आ जाती है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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देखिए दूध का धुला नहीं हूँ हाँ मगर उतना भी बुरा नहीं हूँ
Shivang Tiwari
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अच्छी लगी है उस की कोई बात आप को जिस का ख़याल आ रहा दिन-रात आप को
Shivang Tiwari
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जिन की आँखों में चुभ रहा हूँ आज कल मुझे देखने को तरसेंगे
Shivang Tiwari
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तेरी चाहत के हम भी थोड़े से हक़दार बन जाएँ यही हसरत है तेरी ओढ़नी के तार बन जाएँ यक़ीं हम को नहीं होता कभी पहली मुहब्बत का तमन्ना है तुम्हारे आख़िरी हम प्यार बन जाएँ
Shivang Tiwari
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मिरी अना की आबरू उछाल कर चला गया ये साल फिर से वहशतों में डाल कर चला गया
Shivang Tiwari
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