तेरी चाहत के हम भी थोड़े से हक़दार बन जाएँ यही हसरत है तेरी ओढ़नी के तार बन जाएँ यक़ीं हम को नहीं होता कभी पहली मुहब्बत का तमन्ना है तुम्हारे आख़िरी हम प्यार बन जाएँ
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ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
Varun Anand
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता
Ahmad Faraz
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इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे
Bashir Badr
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आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
Rehman Faris
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शर्तें सभी मंज़ूर हैं ऐ ज़िंदगी लेकिन कभी तो मुस्कुराने दे मुझे
Shivang Tiwari
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मिरी अना की आबरू उछाल कर चला गया ये साल फिर से वहशतों में डाल कर चला गया
Shivang Tiwari
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ज़िंदगी लौट कर आ गई है इक जगह तू नज़र आ गई है रात भर याद करना था तुम को रात भी ता-सहर आ गई है
Shivang Tiwari
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गर दिखाना है तो ता-उम्र दिखा ये जज़्बा एक दिन का ये तिरा इश्क़-ए-वतन ठीक नहीं
Shivang Tiwari
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तलब जैसी हमें थी ज़िन्दगी वैसी न मिल पाई ख़ुशी हमनें बहुत ढूँढी ख़ुशी वैसी न मिल पाई बड़ी ज़िंदा-दिली से ज़िन्दगी तो जी गए लेकिन सुकूँ से जो गुज़र पाती घड़ी वैसी न मिल पाई
Shivang Tiwari
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