रफ़्ता रफ़्ता बुझ रहा है शौक़-ए-उल्फ़त का चराग़ ज़िन्दगी की राह में अब तीरगी होने को है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर
Zia Mazkoor
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मुझे बातें नहीं तेरी मोहब्बत चाहिए थी मुझे अफ़सोस है ये मुझ को कहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी इस तरह गुज़री है ग़मों के दरमियाँ दर्द थे इतने कि मेरा मुस्कुराना रह गया
Kamran Abbas
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वो मुझ से दूर हुआ मेरे पास आते हुए अँधेरा हो गया घर में दिया जलाते हुए
Kamran Abbas
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तुम मुझ से हो ख़फ़ा या दिल तुम से गुरेज़ाँ है नज़दीकियों में अपनी सदियों की दूरियाँ हैं
Kamran Abbas
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यादों के कारवाँ में मुसलसल सफ़र किया तब जाके हम ने आज दिसंबर बसर किया
Kamran Abbas
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उस की हिजरत की रात देर तलक तन्हा देखा है मैं ने आधा चाँद
Kamran Abbas
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