sherKuch Alfaaz
raushni jab se mujhe chhod gai shama roti hai sirhane mere
raushni jab se mujhe chhod gai shama roti hai sirhane mere
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
Zubair Ali Tabish
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