रेज़ा-रेज़ा हो गए हैं और क्या अपने धुन में खो गए हैं और क्या कह रहा है बे-रुख़ी करते हैं हम तेरे जैसे हो गए हैं और क्या
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तीसरा शख़्स मेरा मसला था तीसरा शख़्स मैं ही निकला था
Marghoob Inaam Majidi
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ईद के बा'द का दिन है साहब ईद के दिन भी कहाॅं ख़ुश था मैं
Marghoob Inaam Majidi
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तेरे ख़ातिर हुआ हूँ ऐसे रुसवा अजब औबाश बन कर रह गया हूँ कि मेरी रूह तो तुम मार डाले मैं ज़िंदा लाश बन कर रह गया हूँ
Marghoob Inaam Majidi
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अब तो हर बात से डर लगता है अपने हालात से डर लगता है रौशनी भाती नहीं आँखों को चाँदनी रात से डर लगता है
Marghoob Inaam Majidi
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कितना दिलकश था वो ज़माना भी ईद थी छत पे तेरा आना भी
Marghoob Inaam Majidi
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