कितना दिलकश था वो ज़माना भी ईद थी छत पे तेरा आना भी
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पूछ लेते वो बस मिज़ाज मिरा कितना आसान था इलाज मिरा
Fahmi Badayuni
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मत पूछो कितना ग़मगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी ज़्यादा तुम को याद नहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी अमरोहे में बान नदी के पास जो लड़का रहता था अब वो कहाँ है मैं तो वहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी
Jaun Elia
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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रख के हर चीज़ भूलने वाली ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ
Kumar Vishwas
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तीसरा शख़्स मेरा मसला था तीसरा शख़्स मैं ही निकला था
Marghoob Inaam Majidi
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हाजमा हो तो तेरे जैसा हो क़स में वादे पचा के बैठी है
Marghoob Inaam Majidi
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चाँद इतरा रहा है घंटों से एक तस्वीर अपनी भेजो तो
Marghoob Inaam Majidi
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शायद दुआ में तेरी अब वैसा असर नहीं रहा हूँ साहिब-ए-फ़िराश मैं लेकिन मैं मर नहीं रहा
Marghoob Inaam Majidi
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अब तो हर बात से डर लगता है अपने हालात से डर लगता है रौशनी भाती नहीं आँखों को चाँदनी रात से डर लगता है
Marghoob Inaam Majidi
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