रिश्ते कुछ यूँँ भी ख़त्म होते हैं जीते जी लोग दफ़्न होते हैं
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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तुझ सेे कहने में क्या शरम के हम अब किसी दूसरे पे मरते हैं
Harun Umar
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वहशत है मुझ को लम्स के रिज़्क-ए-हराम से मुझ को मेरे नसीब की रोज़ी नहीं मिली
Harun Umar
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पहले निकले तो रूह भीतर से फिर तुम्हें एहतिमाम से भूलें
Harun Umar
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मेरी सूरत पे थूकने वालों मेरी सीरत को जान पाते, ख़ैर
Harun Umar
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मेरी ख़्वाहिश है मेरे मरने पर आप आएँ भगा दिए जाएँ
Harun Umar
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