रो पड़ूँगा मैं चुप रहा तो चुप कराओ ना अब मुझे सो ख़ामुशी को किया रवाना शोर को अब यहाँ जगह दो
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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क्यूँ हिमायत में किसी की हम फोड़ दें आँखें किसी की हम
Taufique Habib
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लोग सब सोच कर अगर बोलें तो हमेशा ही मुख़्तसर बोलें
Taufique Habib
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क्यूँ हिमायत में किसी की हम फोड़ दें आँखें किसी की हम है मुयस्सर अक़्ल तो फिर क्यूँ बातों में आएँ किसी की हम
Taufique Habib
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ख़्वाब की ख़ातिर ज़मीं ढूँढ़ते हैं आप कहीं हम कहीं ढूँढ़ते हैं
Taufique Habib
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थी उसी काम की तलब अब तक पर वही काम अब नहीं होगा
Taufique Habib
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