रूह तक में उतार कर तुम को कौन जीता है मार कर तुम को पाने वाला कभी न जानेगा कैसा लगता है हार कर तुम को
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Avinash bharti
तुम्हारे नाम का जीवन तुम्हारे बिन न कट जाए चलो तुम छोड़ जाना पर कभी यूँँ ही मिला करना
Avinash bharti
0 likes
नहीं नींद आई किसी को बिछड़ कर किसी आँख में फिर लगें ख़्वाब पलने
Avinash bharti
0 likes
हुक्मरान इस बात से नाशाद है हर किसी की क्यूँ ज़बाँ आज़ाद है
Avinash bharti
0 likes
इश्क़ जैसा कहानियों में है कब हक़ीक़त कोई बनाएगा
Avinash bharti
0 likes
ग़म ने उस की रोटी तक है छीन ली खा नहीं पाता कभी वो पेट भर
Avinash bharti
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Avinash bharti.
Similar Moods
More moods that pair well with Avinash bharti's sher.







