रूप बदले नाम बदले बदले एहसासात भी सब और फिर तुम बने तुम मैं बना मैं ख़त्म हम बाक़ी बचा है इश्क़ियात
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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ये इश्क़ भी तो है रोलेट ऐक्ट सा जिस में कोई गवाह न कोई सुबूत सिर्फ़ सज़ा
A R Sahil "Aleeg"
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तस्फ़िया-नफ़्स को करें हासिल हर दुआ पर ख़ुदा कहेगा कुन
A R Sahil "Aleeg"
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सभी के वास्ते मुमकिन नहीं है इश्क़ में ये वो दिल जलाए जिसे दिल जलाना आता है
A R Sahil "Aleeg"
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क़फ़स से इश्क़ है जिन को अलग वो रह नहीं सकते मगर फिर भी परिंदों को उड़ा कर देख लेता हूँ
A R Sahil "Aleeg"
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सारी दुनिया है आप की हमदर्द इश्क़ में देगा कौन अब इंसाफ़
A R Sahil "Aleeg"
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