roz-o-shab-e-hayat ke khanon mein bant kar qiston mein khud-kushi ke wasail hue hain log
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Mahboob Anwar
ज़ीस्त में मेरे उस ने अँधेरा किया और उस को सभी 'रौशनी' कहते थे
0 likes
ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
0 likes
तुझे पता नहीं मैं तेरा बाप लगता हूँ सलाम कर मुझे तू बात करने से पहले
0 likes
ये चंद बे-जान से ही अश'आर हैं मिरे प्यार के ख़ातिर मिरी ग़ज़ल एक बेवा के आँसुओं में इस तरह डूबी है
0 likes
सर झुका सकता नहीं कोई बुतों के आगे मेरे दिल में वो ख़ुदा है वो ख़ुदा रहने दो
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Mahboob Anwar.
Similar Moods
More moods that pair well with Mahboob Anwar's sher.







