साँस मुझ को अब तलक़ आई नहीं है तू गले लग कर मुझे साँसें अता कर
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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देरी से समझोगे इनका साथ मगर तुम क्या जानो ऐसे लोगों का होना जो ख़ूब अकेले रहते हैं
Abhay Mishra
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उन लबों को चूम कर पगला गया हूँ एक बोसा ये क़यामत कर रहा है
Abhay Mishra
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तुझे बस देखने का काम मैं ने हमेशा मन लगाकर के किया है
Abhay Mishra
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वो कली अब ख़ुद निखरती जा रही है धूप आने तक जो कुछ सुकड़ी हुई थी
Abhay Mishra
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अब क़दर करना मुझे भी सीखना है ख़ूब-सूरत हो मगर बीमार भी हो
Abhay Mishra
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