सारे शहरों में बस रौशनी है सब के घर आज दीपावली है
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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तेरी आँखों ने तो यहाँ कितने आशिक़ मार दिए
Rohit Raj
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ये सोच रात हो गई बता कहाँ मैं जाऊँगा जो शाख थी वो कट चुकी वो घर मेरा नहीं रहा
Rohit Raj
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तेरी आँखों की रौशनी से भी रोज़ कुछ लोग झूम उठते हैं
Rohit Raj
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शाम की उदासी में यादों का मेला हूँ भीड़ तो बहुत है मगर मैं अकेला हूँ
Rohit Raj
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तेरे आने की आहट से मेरा दिल ख़ुश हो जाता है
Rohit Raj
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