तेरी आँखों ने तो यहाँ कितने आशिक़ मार दिए
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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तेरा बनता था कि तू दुश्मन हो अपने हाथों से खिलाया था तुझे तेरी गाली से मुझे याद आया कितने तानों से बचाया था तुझे
Ali Zaryoun
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ये सोच रात हो गई बता कहाँ मैं जाऊँगा जो शाख थी वो कट चुकी वो घर मेरा नहीं रहा
Rohit Raj
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तेरे जाते ही मेरे घर की घड़ियाँ उल्टा घूम जाती है
Rohit Raj
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पहली बार देखा था तुझे फिर किसी को देखा ही नहीं
Rohit Raj
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ताश के इक्के के जैसा मेरा भी इश्क़ आख़िरी है
Rohit Raj
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तेरी आँखों की रौशनी से भी रोज़ कुछ लोग झूम उठते हैं
Rohit Raj
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