सभी किताबें बिखेर डाली तुम ने क्यूँ कौन किताबों में अब ख़त को रखता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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उस का नाम सुनाई देने की वजह मेरे पड़ोस की छोटी बच्ची है दोस्त मेरे ख़यालों में ही पक्कापन है मेरी उम्र अभी भी कच्ची है दोस्त
Saahir
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उस की दीवार पे तस्वीर बना रक्खी थी मैं ने ख़ुद पाँव की ज़ंजीर बना रक्खी थी लिखते रहने से मेरा ख़ून निकल आया था उस ने काग़ज़ पे भी शमशीर बना रक्खी थी
Saahir
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ये समझ में आ गया बेरोज़गारी के दिनों में पैसा है अपनी जगह और दोस्ती अपनी जगह पर
Saahir
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उस की अच्छी बुरी आदतें सारी मालूम हैं मुझ को साहिर चाँदनी संग मैं दाग़ भी मेरे महताब में देखता हूँ
Saahir
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पहले ही इश्क़ ने ये बताया मुझे छोड़ कर जाएगी आशिक़ी दर्द में मौत को कहते हैं सब बुरा दर्द क्यूँ कितना आराम है आख़िरी दर्द में
Saahir
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