saut kya shai hai khamushi kya hai gham kise kahte hain khushi kya hai
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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मेरी बातें हैं सब बातें तुम्हारी मेरा अपना कोई क़िस्सा नहीं है
Farhat Shahzad
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एक बस तू ही नहीं मुझ से ख़फ़ा हो बैठा मैं ने जो संग तराशा था ख़ुदा हो बैठा
Farhat Shahzad
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ज़िंदगी कट गई मनाते हुए अब इरादा है रूठ जाने का
Farhat Shahzad
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देख के जिस को दिल दुखता था वो तस्वीर जला दी हम ने
Farhat Shahzad
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