sherKuch Alfaaz

शादाब जिन की ख़ुशबू से हर इक गुलाब है रौशन चमक से जिन की 'रज़ा' आफ़ताब है सूरत वो जिस पे नाज़ है कुल काएनात को वो सूरत-ए-रसूल ख़ुदा की किताब है

More from SALIM RAZA REWA

ज़ख़्म सिलने में कई ज़ख़्म दिए टाँकों ने कौन से दर्द का इज़हार करूँँ मैं पहले चोट खाया है मेरे जिस्म का हर-इक हिस्सा कौन से हिस्से को बीमार करूँँ मैं पहले

SALIM RAZA REWA

1 likes

बन के मेहमान उस की ग़ुर्बत का लज़्ज़त-ए ग़म को चख के आया हूँ क़ैद करने को हर अदा उस की आँखें चौखट पे रख के आया हूँ

SALIM RAZA REWA

0 likes

उन के दर पर सलाम कह देना मैं हूँ उन का ग़ुलाम कह देना उन सेे मिलने की दिल में ख़्वाहिश है मेरा इतना पयाम कह देना

SALIM RAZA REWA

1 likes

उन के एल्बम में है तस्वीर पुरानी मेरी         अब वो देखेंगे तो पहचान नहीं पाएँगे

SALIM RAZA REWA

1 likes

ये वज़ीफ़ा मेरा सुब्ह-ओ-शाम है मेरे लब पर सिर्फ़ तेरा नाम है मेरा घर ख़ुशियों से है फूला फला मेरे रब का ये बड़ा इन'आम है

SALIM RAZA REWA

1 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on SALIM RAZA REWA.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with SALIM RAZA REWA's sher.