sherKuch Alfaaz

उन के एल्बम में है तस्वीर पुरानी मेरी         अब वो देखेंगे तो पहचान नहीं पाएँगे

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो

Jaun Elia

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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

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फफोले पड़ चुके आँखों में ज़ौक़-ए-दीद बाक़ी है  बहुत है दूर तू मुझ सेे मगर उम्मीद बाक़ी है  मेरी जाँ लौट के आजा दिल-ए-बीमार की ख़ातिर सभी की हो गई है ईद मेरी ईद बाक़ी है

SALIM RAZA REWA

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शादाब जिन की ख़ुशबू से हर इक गुलाब है रौशन चमक से जिन की 'रज़ा' आफ़ताब है सूरत वो जिस पे नाज़ है कुल काएनात को वो सूरत-ए-रसूल ख़ुदा की किताब है

SALIM RAZA REWA

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ताल में पंछी पनघट गागर चौपालें कितना सुंदर गाँव का मंज़र होता है टूटा फूटा गिरा पड़ा कुछ तंग सही अपना घर तो अपना ही घर होता है

SALIM RAZA REWA

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ज़रा सी बात पे रिश्तों को कर दिया घाइल ज़रा सी बात को ले कर उदास बैठे हैं  

 तेरे बग़ैर हर इक शय की आँख पुरनम है 
 हमीं नहीं मह-ओ-अख़्तर उदास बैठे हैं

SALIM RAZA REWA

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यूसुफ़ न बन सका कभी तेरी निगाह में लेकिन तुझे तो मैं ने ज़ुलेख़ा बना दिया

SALIM RAZA REWA

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