शब को मय ख़ूब सी पी सुब्ह को तौबा कर ली रिंद के रिंद रहे हाथ से जन्नत न गई
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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ये मत भूलो कि ये लम्हात हम को बिछड़ने के लिए मिलवा रहे हैं
Jaun Elia
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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लुटाते हैं वो दौलत हुस्न की बावर नहीं आता हमें तो एक बोसा भी बड़ी मुश्किल से मिलता है
Jaleel Manikpuri
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आता है जी में साक़ी-ए-मह-वश पे बार बार लब चूम लूँ तिरा लब-ए-पैमाना छोड़ कर
Jaleel Manikpuri
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आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही
Jaleel Manikpuri
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मैं डर रहा हूँ तुम्हारी नशीली आँखों से कि लूट लें न किसी रोज़ कुछ पिला के मुझे
Jaleel Manikpuri
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बहार आई कि दिन होली के आए गुलों में रंग खेला जा रहा है
Jaleel Manikpuri
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