शजर सूखा तो बदला घोंसला चिड़िया ने हर दम पर वहीं चिड़िया अगर जाए शजर फिर सूख जाता है
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जहाँ पंखा चल रहा है वहीं रस्सी भी पड़ी है मुझे फिर ख़याल आया, अभी ज़िन्दगी पड़ी है
Zubair Ali Tabish
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इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के
Farhat Ehsaas
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ये कब कहती हूँ तुम मेरे गले का हार हो जाओ वहीं से लौट जाना तुम जहाँ बेज़ार हो जाओ
Parveen Shakir
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ऐसा बदला हूँ तिरे शहर का पानी पी कर झूट बोलूँ तो नदामत नहीं होती मुझ को
Shahid Zaki
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उस ने इस तरह से बदला है रवय्या अपना पूछना पड़ता है हर वक़्त, तुम्हीं हो ना दोस्त?
Inaam Azmi
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सिवा तेरे जो पा लूँगा मैं सारी चीज़ें दुनिया की नहीं होगी जो दुनिया चीज़ों का फिर क्या करूँँगा मैं
100rav
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क़लम ने कल छुआ था कोरे काग़ज़ को कई दिन शा'इरी महकेगी मुझ सेे अब
100rav
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जिन्हें तुम ढेर सारा वक़्त देते हो तुम्हें कुछ होगा तो बस मौन रख लेंगे
100rav
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हमारा मिलना क़िस्मत में नहीं कह कर किसी के साथ उस ने घर बसाया है
100rav
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मुझे ग़म है कि तू मेरा नहीं होगा मगर ख़ुश हूँ हमेशा ख़ुश रहेगा तू
100rav
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