शख़्स सब हम को अपने ही दिखते रहे बस तभी हम बिना दाम बिकते रहे
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
Jigar Moradabadi
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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को
Kushal Dauneria
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे
Waseem Barelvi
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ज़िन्दगी हमें जब उलझन तमाम देती है मौत चैन का फिर दे इक पयाम देती है
Shivam Mishra
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वो मेरा आशियाँ यूँँ सजा के गया जल रही हर शमा' को बुझा के गया
Shivam Mishra
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सब को हैरत रही उन के दीदार से हम को ज़ख़्मी किया अपने किरदार से हाल पूछो तो है ख़ैरियत सब यहाँ हैं मगर याद में उन के बीमार से
Shivam Mishra
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बदल तक़दीर जाती है वही इक वक़्त आने पर सँभल जाता है कोई जब कभी ठोकर भी खाने पर
Shivam Mishra
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तेरे जाने का मुझ पे रहा ये करम हूँ मैं जिन्दा मगर हो गया हूँ खतम
Shivam Mishra
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