शहर दर शहर ख़ाक छानी है इश्क़ धोका है बात जानी है
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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मोहब्बत ने मुझे औक़ात दिखला दी ज़रूरी क्यूँँ है धन ये बात सिखला दी
Aatish Indori
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फंदा-वंदा छोड़ कर मैं दूजा सपना बुन रहा हूँ ख़ुद-कुशी तुझ को नहीं मैं ज़िंदगी को चुन रहा हूँ जान-ए-जानाँ जा रहा हूँ मैं मोहब्बत के शिखर पर आशिक़ी को छोड़ कर मैं बंदगी को चुन रहा हूँ
Aatish Indori
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जब से हम ज़िंदगी को समझने लगे तब से हम ख़ुद-कुशी को समझने लगे बेवफ़ाई सनम आपने जब से की तब से हम बंदगी को समझने लगे
Aatish Indori
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रूम पर आप हैं और सब्र हमारा देखो बंद खिड़की नहीं की और न ही पर्दा खींचा
Aatish Indori
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मुझ को सहरा-सहरा तलाश करना है मुझ को अपना लहजा तलाश करना है तेरे जाने के बा'द ये होगा जानाँ सब में तेरा चेहरा तलाश करना है
Aatish Indori
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