शे'र अपने मक़ाम तक जाते आप गर मुस्कुरा दिए होते
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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हाथ ख़ाली है तेरे शहर से जाते जाते जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
Rahat Indori
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ये सोच कर के वो खिड़की से झाँक ले शायद गली में खेलते बच्चे लड़ा दिए मैं ने
Unknown
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महताब तेरे रुख़ की ज़ियारत का नाम है सिंदूर तेरी माँग का उल्फ़त का नाम है
Parvez Zaami
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कहते हैं लोग जिस को सनम बादा-ए-इरम वो तो तिरे लबों की हलावत का नाम है
Parvez Zaami
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मुस्कुरा के तू गर पिलाए तो एक क़तरा फ़ुरात है साक़ी
Parvez Zaami
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सोचता हूँ तिरे अलावा तो ये क़लम मुझ से रूठ जाती है
Parvez Zaami
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जिन की मंज़िल गुलाब होती है उन की राहों में ख़ार होते हैं
Parvez Zaami
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