सियासी तख़्त पे बैठे हुए हो तभी इतना यहाँ ऐंठे हुए हो
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सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा इतना मत चाहो उसे वो बे-वफ़ा हो जाएगा
Bashir Badr
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बैठे हैं चैन से कहीं जाना तो है नहीं हम बे-घरों का कोई ठिकाना तो है नहीं तुम भी हो बीते वक़्त के मानिंद हू-ब-हू तुम ने भी याद आना है आना तो है नहीं
Rehman Faris
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मैं ने बस इतना पूछा था क्या देखते हो भला मैं ने ये कब कहा था मुझे देखना छोड़ दो गीली मिट्टी की ख़ुशबू मुझे सोने देती नहीं मेरे बालों में तुम उँगलियाँ फेरना छोड़ दो
Tajdeed Qaiser
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चेहरा धुँदला सा था और सुनहरे झुमके थे बादल ने कानों में चाँद के टुकड़े पहने थे इक दूजे को खोने से हम इतना डरते थे ग़ुस्सा भी होते तो बातें करते रहते थे
Vikram Gaur Vairagi
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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शराफ़त ठीक पर इतनी न होनी चाहिए समय के साथ ख़ुद को भी बदलते जाइए यही हुश्यार होने का तरीका है यहाँ हमारी मानिए तो ख़ूब धोखे खाइए
Kush Pandey ' Saarang '
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उतरते हुस्न पे तुम को गुमाँ था घमंडी बस हमें कहती रही तुम
Kush Pandey ' Saarang '
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नहीं होते जुदा ऐसे कभी दो लोग दुनिया में मियाँ आपस में दोनों का ख़फ़ा होना ज़रूरी है पुराने जब तलक बनकर रहोगे याद आएगी ज़माने की तरह तुम को नया होना ज़रूरी है
Kush Pandey ' Saarang '
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उसे भी रोकते किस बात से हम लड़े तन्हा यहाँ हर रात से हम
Kush Pandey ' Saarang '
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मोहब्बत है मुस्कान से बस ज़िंदा रहना है जान से बस पंछी को पेड़ से मतलब क्या उस को मतलब है उड़ान से बस
Kush Pandey ' Saarang '
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