तलाशा जब कभी तुझ को मेरे दिल में कहीं पाया शबों में और शामों में तुझे हर पल वहीं पाया मुझे डर था कहीं कोई न उस को छीन ले मुझ सेे मगर वो आसमाँ थी कोई उस को छू नहीं पाया
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मेरे अहबाब कहते हैं वो तुम को याद करती है उन्हे कैसे बताऊँ अब मुझे हिचकी नहीं आती
AYUSH SONI
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मैं उस को बेच आया हूँ किसी अफ़सर के हाथों में जिसे मैं बोल आया था तुम्हें दुल्हन बनाऊँगा
AYUSH SONI
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जब लगे मुश्किल है यूँँ ही मुस्कुराना लौट आना जब लगे दुनिया है कोई क़ैद-ख़ाना लौट आना
AYUSH SONI
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बसा जो शख़्स आँखों में है ओझल क्यूँँ नहीं होता ये पहला इश्क़ ही अक्सर मुकम्मल क्यूँँ नहीं होता यहाँ शहरों में ऐवानों के साए ही मुयस्सर हैं यहाँ गाँवों के जैसा कोई पीपल क्यूँँ नहीं होता
AYUSH SONI
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मातम फ़रेब ज़ख़्म ग़म-ओ-रंज औ ज़हर ज़ालिम बता ये आशिक़ी ने और क्या दिया
AYUSH SONI
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