तराज़ू कैसा है ये न्याय का जो ग़रीबों की तरफ़ झुकता नहीं है
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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तुम मेरी तरफ़ देखना छोड़ो तो बताऊँ हर शख़्स तुम्हारी ही तरफ़ देख रहा है
Waseem Barelvi
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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क्या पता था देखना उस की तरफ़ हादसा इतना बड़ा हो जाएगा
Anwar Shaoor
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ये भी कुछ कम नहीं हर नींद को हासिल हैं आँखें कि अब हर ख़्वाब को आँखें मिले मुमकिन नहीं है
Saarthi Baidyanath
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वक़्त सारा सर्कसों में जा रहा है दिन हमारा दफ़्तरों में जा रहा है
Saarthi Baidyanath
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ज़िन्दगी मुश्किल बहुत है आप हैं हासिल बहुत है
Saarthi Baidyanath
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समूची ज़िन्दगी कोई दिखाए न ऐसी फ़िल्म अब तक बन सकी है
Saarthi Baidyanath
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ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी मैं मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ
Saarthi Baidyanath
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