वक़्त सारा सर्कसों में जा रहा है दिन हमारा दफ़्तरों में जा रहा है
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी मैं मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ
Saarthi Baidyanath
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ज़िन्दगी क़र्ज़ की तेरी साँसें सूद के साथ मैं चुका दूँगा
Saarthi Baidyanath
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यहाँ जो पानियों के बुलबुले हैं हमारी जान लेने पर तुले हैं
Saarthi Baidyanath
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ये ग़लत सोच ही दुनिया की बदलनी है मुझे साहिलों पर कोई तूफ़ान नहीं होता है
Saarthi Baidyanath
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ये माना आप से बेहतर नहीं हूँ मगर मैं खेल से बाहर नहीं हूँ
Saarthi Baidyanath
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