तेरे रहते उस का चेहरा, कैसे शिकन ओढ़ सकता है? तू माँ है तो माँ होने का मतलब भी तो समझ सयानी
Related Sher
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
कबूतर इश्क़ का उतरे तो कैसे? तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है इरादा कर लिया गर ख़ुद-कुशी का तो ख़ुद की आँख का पानी बहुत है
Kumar Vishwas
93 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
हाल मीठे फलों का मत पूछो रात दिन चाकूओं में रहते हैं
Fahmi Badayuni
102 likes
More from Shiva awasthi
ये किस का अक्स है हर सू समाया छुपा है कौन मेरी पुतलियों में
Shiva awasthi
0 likes
मैं ख़ुद पर भी हँस लेती हूँ देख चुकी हूँ इतना रो कर
Shiva awasthi
0 likes
जितनी चहल पहल दोपहरी उतनी ख़ाली ख़ाली शाम सुरसा जैसी तन्हाई ने लो फिर मेरी खा ली शाम
Shiva awasthi
0 likes
ढूँढ़ते तो रहे, हम तबस्सुम में पर ज़िन्दगी का पता आँसुओं में मिला
Shiva awasthi
1 likes
ज़िंदगी इल्म का पन्ना नहीं है ज़िंदगी बस सुकूँ का मसअला है
Shiva awasthi
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shiva awasthi.
Similar Moods
More moods that pair well with Shiva awasthi's sher.







