तेरी उल्फ़त ने ज़िंदा रक्खा है वरना क्या मुझ में ऐसा रक्खा है
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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ज़ुल्म जो भी किया गया हम पर सामने सब ख़ुदा के रखना है
Meem Maroof Ashraf
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वो सर को फोड़ना ग़ालिब का समझा जो देखीं मैं ने दीवारें तुम्हारी
Meem Maroof Ashraf
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यही वो दिन था कि तुझ को गले लगाया था यही वो दिन था कि ख़ुदस बिछड़ गए थे हम
Meem Maroof Ashraf
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उस को लगती है हँसी झूटी हँसी खा गई मुझ को मिरी झूटी हँसी
Meem Maroof Ashraf
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वो अय्याम-ए-ग़म-ए-माज़ी के लम्हे मिरे आँसू तिरा आँचल रहा है
Meem Maroof Ashraf
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